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2 Sectionsमाननीय मुख्य अतिथि समस्त सम्माननीय सज्जनों को प्रणाम करता हूँ |
आज 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को ये भाषण में इसलिए दे रहा हु ताकि आप तक ये बात पंहुचा सकू की ये जो हम चैन की साँस ले रहे है, आजादी से जी रहे है, ये सब मुफ्त में नहीं मिला, इसके पीछे लाखो बलिदान और कई लड़ाईयां लड़ी गई है,
ये दिन हर साल हम मानते है, मगर क्यूँ मानते है, 15 अगस्त 1947 को जब ये भारत आजाद हुआ, तब भारत सव्शाषित देश नहीं था, 26 जनवरी को भारत सव्शाषित देश घोषित किया गया, तभी भारत का सविधान लागु हुआ, इसीलिए हम 26 जनवरी का ये पर्व मानते है,
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लेकिन आज अगर हम उन वीरो को यद् न करे, जिनकी बदोलत हमे ये आजादी हाशिल हुई है, तो ये पर्व सुना सुना लगेगा, क्यूंकि जिन जाबांजो ने प्राण दिए अपनी वीरता के परचम लहराए, वो डटे मगर झुके नहीं, उनको सलाम करते है, और आज भी शीमा पर घुसबैठियो को रोकने के लिए, आतंकवाद से लड़ने के लिए हमारे जवान शीमा पर डटे हुए है, ये आजादी वीरो का बलिदान है, ये राणा का अभिमान है, शिवा का सम्मान है, ये भगत सिंह और बोस की शान है, वो वीर थे रणवीर थे, फ़तेह मैदान वो करते थे, अबलाओ के लिए निछावर अपनी जन वो करते थे |
- खाक नहीं होने देंगे हम, उन वीरो की क़ुरबानी को और बर्बाद नहीं होने देंगे हम, इतिहास की निशानी को,
- जोहर की अग्नि से खेली, वीरांगना बलिदान को,
- बचपन में फांसी लटके उस मासूम जवानी को,
- भूल नही सकता में, अंगारों की बलिवेदी को,
- जान मेरी भी अर्पित है, भारत की रखवाली को,
- भारत की रखवाली को, भारत की रखवाली को |
ऐसे महान क्रांतिकारियों और बलिदानो की वजह से ये सवतंत्र पी है, आइये हम उन सभी का आदर से सम्मान करे, और माँ भारती की जय जयकार करे |
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Second Speech
प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस, भरत का राष्ट्रीय पर्व है, जिसे प्रत्येक भारतवासी पूरे उत्साह, जोश और सम्मान के साथ मनाता है। राष्ट्रीय पर्व होने के नाते इसे हर धर्म, संप्रदाय और जाति के लोग मनाते हैं।
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गणतंत्र दिवस : 26 जनवरी सन 1950 को हमारे देश को पूर्ण स्वायत्त गणराज्य घोषित किया गया था और इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को भारत का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है और चूंकि यह दिन किसी विशेष धर्म, जाति या संप्रदाय से न जुड़कर राष्ट्रीयता से जुड़ा है, इसलिए देश का हर बाशिंदा इसे राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाता है।
खास तौर से सरकारी संस्थानों एवं शिक्षण संस्थानों में इस दिन ध्वजारोहण, झंडा वंदन करने के पश्चात राष्ट्रगान जन-गन-मन का गायन होता है और देशभक्ति से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। देशाक्ति गीत, भाषण, चित्रकला एवं अन्य प्रतियोगिताओं के साथ ही देश के वीर सपूतों को याद भी किया जाता है और वंदे मातरम, जय हिन्दी, भारत माता की जय के उद्घोष के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो जाता है।
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भारत की राजधानी दिल्ली में गणंतंत्र दिवस पर विशेष आयोजन होते हैं। देश के प्रधानमंत्री द्वारा इंडिया गेट पर शहीद ज्योति का अभिनंदन करने के साथ ही उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाते हैं। इस दिन विशेष रूप से दिल्ली के विजय चौक से लाल किले तक होने वाली परेड आकर्षण का प्रमुख केंद्र होती है, जिसमें देश और विदेश के गणमान्य जनों को आमंत्रित किया जाता है। इस परेड में तीनों सेना के प्रमुख राष्ट्रीपति को सलामी दी जाती है एवं सेना द्वारा प्रयोग किए जाने वाले हथियार, प्रक्षेपास्त्र एवं शक्तिशाली टैंकों का प्रदर्शन किया जाता है एवं परेड के माध्यम से सैनिकों की शक्ति और पराक्रम को बताया जाता है।
गांव से लेकर शहरों तक, राष्ट्रभक्ति के गीतों की गूंज सुनाई देती है और प्रत्येक भारतवासी एक बार फिर अथाह देशभक्ति से भर उठता है। बच्चों में इस दिन को लेकर बेहद उत्साह होता है। इस दिन आयोजि कार्यक्रमों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण भी किया जाता है और मिठाई वितरण भी विशेष रूप से होता है।

Republic Day Best Poem in Hindi
आओ मिल कर तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।
अपना 69वाँ गणतंत्र दिवस खुशी से मनायेगे
देश पर कुर्बान हुये शहीदों पर श्रद्धा सुमन चढ़ायेंगे।
26 जनवरी 1950 को अपना गणतंत्र लागू हुआ था,
भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने झंड़ा फहराया था,
मुख्य अतिथि के रुप में सुकारनो को बुलाया था,
थे जो इंडोनेशियन राष्ट्रपति, भारत के भी थे हितैषी,
था वो ऐतिहासिक पल हमारा, जिससे गौरवान्वित था भारत सारा।
विश्व के सबसे बड़े संविधान का खिताब हमने पाया है,
पूरे विश्व में लोकतंत्र का डंका हमने बजाया है।
इसमें बताये नियमों को अपने जीवन में अपनाये,
थाम एक दूसरे का हाथ आगे-आगे कदम बढ़ाये,
आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये,
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये|
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